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सभी चैतन्य संदेशमानवाधिकारवृक्षारोपणश्री चेतन्य संदेशसंदेश

दृष्टि का दृष्टिकोण

जिस प्रकार किसी व्यंजन जैसे कि हलुआ काजू,किशमिश, बादाम ,घी डालने पर उसके स्वाद में हमारी रुचि बढ़ती है .ठीक उसी प्रकार क…

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समझ के विभिन्न स्तर

मानने वाले लोग जानकारी से आगे नहीं जाते,जो लोग खुद से चीज़ों को जानते हैं वो जिज्ञासा तक पहुँचते हैं,जो लोग समझने वाले ह…

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अनुभव का परीक्षण और विभिन्न दृष्टिकोणों की समझ

लोकहितार्थ में हम चाहते हैं कि किसी भी विषय विशेष पर कार्य करने से पहले उसका प्रमाण खोजना, उससे प्राप्त अनुभव का परीक्षण…

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चैतन्य बुद्धि एवं विवेक (सीमाओं का विस्तार)

जब एक सीमित सोच वाला बच्चा, युवा या बुजुर्ग अपनी असीम दृष्टि एवं सोच को पहचान लेगा उस दिन वो संबिधान के नीति ,कायदे ,कान…

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किराएदार

मालिक को हक है कि दिमाग में बसे किराएदार से कागज मांग कर पूछे की तू मेरे दिमाग में कब से रह रहा है और किसके कहने पर ?…

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वीरपूर्वजों की स्मृति में वृक्षारोपण

बड़ोखर मुक्तिधाम में फलदार, फूलदार और सुगंधित छायादार वृक्षों का रोपण संपन्न हुआ। पंचमहाभूतों की शुद्धता के लिए यह अभिया…

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न्याय, स्वतंत्रता, समानता — हमारा संविधान

चेतनात्मक परिप्रेक्ष्य में विधिक सेवा — संविधान के मूल तत्वों को जीवंत करना हमारा लक्ष्य। हर नागरिक को उसके अधिकारों की …

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