जागरूकता से एकता

जागरूकता से एकता
जब इंसान स्वतंत्र सोच रखता है, विवेक से निर्णय लेता है और अपने आसपास की परिस्थितियों के प्रति जागरूक रहता है, तब वह केवल अपनी व्यक्तिगत समस्याओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज की साझा समस्याओं को भी समझने लगता है।
ऐसी जागरूकता से लोगों में आपसी समझ, सहयोग और एकता स्वाभाविक रूप से विकसित होने लगती है।
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